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PolicyWala Member
शहर की इस दौड में दौड के
करना क्या है?
अगर यही जीना हैं दोस्तों...
तो फिर मरना क्या हैं?
पहली बारिश में ट्रेन लेट
होने की फ़िकर हैं......
भूल गये भींगते हुए
टहलना क्या हैं.......
सीरियल के सारे
किरदारो के हाल हैं
मालुम......
पर माँ का हाल पूछ्ने
की फ़ुरसत कहाँ हैं!!!!!!
अब रेत पर नंगे पैर टहलते
क्यों नहीं........
१०८ चैनल हैं पर दिल
बहलते क्यों नहीं!!!!!!!
इंटरनेट पे सारी दुनिया से
तो टच में हैं.......
लेकिन पडोस में कौन
रहता हैं जानते तक नहीं!!!!
मोबाईल, लैंडलाईन सब
की भरमार हैं.........
लेकिन ज़िगरी दोस्त तक
पहुंचे ऐसे तार कहाँ हैं!!!!
कब डूबते हुए सूरज
को देखा था याद
हैं??????
कब जाना था वो शाम
का गुजरना क्या हैं!!!!!!!
तो दोस्तो इस शहर
की दौड में दौड के
करना क्या हैं??????
अगर यही जीना हैं तो फिर
मरना क्या हैं!!!!!!!!
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PolicyWala Member
Wo roz roz kehti hai ke mujhe apni tasveer mms karO
.
"AE DOST"
Uss nadaan ko ye kaise batau k mere paas
Nokia "1100" hai
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PolicyWala Fan
दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का..
बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में..
जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की.
देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..
येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज..
दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..
नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी..
पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..
कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..
दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..
सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग..
दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..
माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये "अभी"
पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में..
ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि..
भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में
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