"बुझी हुई समां फिर से जल सकती है , भयंकर से भयंकर तूफ़ान हो कश्ती निकल सकती है
निराश न हो मायुश न हो , सिर्फ प्रण ले ले आज , तेरी किस्मत अब भी बदल सकती है !!!"
"बुझी हुई समां फिर से जल सकती है , भयंकर से भयंकर तूफ़ान हो कश्ती निकल सकती है
निराश न हो मायुश न हो , सिर्फ प्रण ले ले आज , तेरी किस्मत अब भी बदल सकती है !!!"