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PolicyWala Member
"बुझी हुई समां फिर से जल सकती है , भयंकर से भयंकर तूफ़ान हो कश्ती निकल सकती है
निराश न हो मायुश न हो , सिर्फ प्रण ले ले आज , तेरी किस्मत अब भी बदल सकती है !!!"
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PolicyWala Member
aajkal labjo ko jubaan hum de nahin paate
hoth khaamosh hai kuch kah nahin paate
ye pyaar nahin to kya hai jo
bin tumhe dekhe hum ek pal bhi rah nahin paate
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PolicyWala Member
humko mita sake ye zamane mein dam nahi,
humse zamana khud hai,zamane se hum nahi......
ya rub huzume (dil ke) dard ko de aur vishalta,
daaman to kya abhi meri aankhen bhi nam nahi.....
shikva to ek ched hai, lekin hakikatan,
tera sitam bhi teri inaayat se kam nahin........
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PW Stalwart
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले..
बहुत निकले मेरे अरमाँ, लेकिन फिर भी कम निकले
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PW NewsDesk
होश वालो को खबर क्या बेखुदी क्या चीज है
इश्क कीजे फिर समझिये जिंदगी क्या चीज है
बिखरी जुल्फों ने सिखाई मौसमो को शायरी
झुकती आँखों ने बताया मयकशी क्या चीज है
इश्क कीजे फिर समझिये
इश्क कीजे फिर समझिये जिंदगी क्या चीज है
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PolicyWala Member
शहर की इस दौड में दौड के
करना क्या है?
अगर यही जीना हैं दोस्तों...
तो फिर मरना क्या हैं?
पहली बारिश में ट्रेन लेट
होने की फ़िकर हैं......
भूल गये भींगते हुए
टहलना क्या हैं.......
सीरियल के सारे
किरदारो के हाल हैं
मालुम......
पर माँ का हाल पूछ्ने
की फ़ुरसत कहाँ हैं!!!!!!
अब रेत पर नंगे पैर टहलते
क्यों नहीं........
१०८ चैनल हैं पर दिल
बहलते क्यों नहीं!!!!!!!
इंटरनेट पे सारी दुनिया से
तो टच में हैं.......
लेकिन पडोस में कौन
रहता हैं जानते तक नहीं!!!!
मोबाईल, लैंडलाईन सब
की भरमार हैं.........
लेकिन ज़िगरी दोस्त तक
पहुंचे ऐसे तार कहाँ हैं!!!!
कब डूबते हुए सूरज
को देखा था याद
हैं??????
कब जाना था वो शाम
का गुजरना क्या हैं!!!!!!!
तो दोस्तो इस शहर
की दौड में दौड के
करना क्या हैं??????
अगर यही जीना हैं तो फिर
मरना क्या हैं!!!!!!!!
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